REITs, InvITs Investment Tips: रीट्स और इनविट्स क्या होते हैं, इनमें निवेश कैसे करते हैं? जानिए कम पूंजी में रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश से कैसे कर सकते हैं तगड़ी कमाई

REITs vs InvITs Investment Tips: अगर आप कम पूंजी में बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स जैसे मॉल, ऑफिस बिल्डिंग या हाईवे में निवेश करना चाहते हैं, तो आपके लिए REITs और InvITs बेहतरीन विकल्प बन सकते हैं। ये दोनों निवेश के ऐसे साधन हैं, जो आपको बिना सीधे संपत्ति खरीदे नियमित कमाई का मौका देते हैं। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि ये क्या हैं और कैसे काम करते हैं।

 

क्या होते हैं REITs (रीट्स)?

REITs (Real Estate Investment Trusts) ऐसी कंपनियां या ट्रस्ट होते हैं, जो बड़े कमर्शियल रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स—जैसे शॉपिंग मॉल, ऑफिस स्पेस, वेयरहाउस—में निवेश करते हैं।

इनसे होने वाली कमाई (जैसे किराया) का एक बड़ा हिस्सा निवेशकों में बांटा जाता है। इसका मतलब है कि आप बिना पूरी प्रॉपर्टी खरीदे उससे कमाई कर सकते हैं।

उदाहरण: अगर आपने किसी REIT में निवेश किया है, तो आपको उस प्रोजेक्ट से मिलने वाले किराए का हिस्सा मिलता रहेगा।

क्या होते हैं InvITs (इनविट्स)?

InvITs (Infrastructure Investment Trusts) REITs की तरह ही होते हैं, लेकिन ये रियल एस्टेट की जगह इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में निवेश करते हैं।

इनमें हाईवे, पावर ट्रांसमिशन लाइन, गैस पाइपलाइन जैसे बड़े प्रोजेक्ट शामिल होते हैं। इन प्रोजेक्ट्स से मिलने वाली टोल या अन्य आय निवेशकों को दी जाती है।

 

REITs और InvITs में निवेश कैसे करें?

 

REITs और InvITs में निवेश करना बेहद आसान है:

आपको सिर्फ एक डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट की जरूरत होती है

ये शेयर बाजार में लिस्टेड होते हैं, इसलिए आप इन्हें शेयर की तरह खरीद-बेच सकते हैं

आप कम से कम रकम से भी निवेश शुरू कर सकते हैं

कम पूंजी में कैसे बनता है बड़ा मौका?

 

पहले रियल एस्टेट या इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश करने के लिए लाखों-करोड़ों रुपये की जरूरत होती थी। लेकिन अब आप कुछ हजार रुपये से निवेश शुरू कर सकते हैं

बड़े प्रोजेक्ट्स में हिस्सेदारी मिलती है

नियमित डिविडेंड/इनकम मिलती है

निवेश से कमाई कैसे होती है?

REITs और InvITs से कमाई के दो प्रमुख तरीके हैं:

 

1. नियमित आय (Passive Income)

इन ट्रस्ट्स को अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा निवेशकों में बांटना होता है, जिससे आपको समय-समय पर पैसा मिलता है।

 

2. कैपिटल गेन (Capital Gain)

अगर आपने कम कीमत पर यूनिट खरीदी और बाद में उसकी कीमत बढ़ गई, तो बेचकर मुनाफा कमा सकते हैं।

 

निवेश से पहले किन बातों का रखें ध्यान?

प्रोजेक्ट की क्वालिटी: ट्रस्ट किन संपत्तियों या प्रोजेक्ट्स में निवेश कर रहा है

रिटर्न का इतिहास: पिछले कुछ सालों का प्रदर्शन देखें

डिविडेंड यील्ड: नियमित आय कितनी मिल रही है

मार्केट रिस्क: शेयर बाजार की तरह इसमें भी उतार-चढ़ाव होता है

 

REITs vs InvITs: क्या है अंतर?

REITs और InvITs के बीच मुख्य अंतर उनके निवेश के क्षेत्र और कमाई के स्रोत में होता है। REITs मुख्य रूप से रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स जैसे ऑफिस, मॉल और वेयरहाउस में निवेश करते हैं, जहां से उनकी आय किराए के रूप में आती है। इसके मुकाबले InvITs इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स—जैसे हाईवे, पावर ट्रांसमिशन और पाइपलाइन—में निवेश करते हैं, और उनकी कमाई टोल या ट्रांसमिशन फीस से होती है।

 

जोखिम के मामले में REITs को आमतौर पर मध्यम जोखिम वाला माना जाता है क्योंकि रियल एस्टेट से मिलने वाला किराया अपेक्षाकृत स्थिर रहता है। वहीं InvITs में जोखिम थोड़ा ज्यादा हो सकता है, क्योंकि उनकी आय प्रोजेक्ट के प्रदर्शन और उपयोग पर निर्भर करती है। स्थिरता की बात करें तो REITs अपेक्षाकृत अधिक स्थिर माने जाते हैं, जबकि InvITs की स्थिरता संबंधित इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट की स्थिति और मांग पर निर्भर करती है।

किसके लिए सही है यह निवेश?

जो लोग कम पूंजी में निवेश शुरू करना चाहते हैं

जो रेगुलर इनकम चाहते हैं

जो रियल एस्टेट में बिना झंझट निवेश करना चाहते हैं

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