New TDS, TCS Rules 2025: 1 अप्रैल से लागू होंगे ये बड़े नियम! इन लोगों पर पड़ेगा सीधा असर – Check Details

New TDS, TCS Rules 2025

New TDS, TCS Rules 2025: अगर आप इनकम टैक्स भरते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। वित्त वर्ष 2025 के बजट में सरकार ने TDS (Tax Deducted at Source) और TCS (Tax Collected at Source) से जुड़े कई अहम बदलाव किए हैं, जो 1 अप्रैल 2025 से लागू हो जाएंगे। ये नए नियम टैक्स कंप्लायंस को सरल बनाने और अनावश्यक जटिलताओं को खत्म करने के उद्देश्य से लाए गए हैं। आइए, इन बदलावों को विस्तार से जानते हैं।

 

TDS और TCS में क्या बदलाव किए गए हैं?

विदेशी लेन-देन पर बढ़ा TCS

अगर आप विदेश में शिक्षा, यात्रा या निवेश पर खर्च करते हैं, तो यह खबर आपके लिए अहम है। Liberalized Remittance Scheme (LRS) के तहत ₹7 लाख से अधिक राशि पर TCS अब 20% से बढ़ाकर 22% कर दिया गया है।

 

क्रिप्टोकरेंसी और NFT पर 1% TDS

अगर आप क्रिप्टोकरेंसी या NFT (Virtual Digital Asset – VDA) में निवेश करते हैं, तो अब हर लेन-देन पर 1% TDS कटेगा।

 

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फ्रीलांसर्स और गिग वर्कर्स पर असर

पहले ₹1 लाख से अधिक की कमाई पर 5% TDS लगता था, लेकिन अब यह सीमा घटाकर ₹50,000 कर दी गई है। अब ₹50,000 से अधिक कमाई पर 5% TDS लागू होगा।

 

ऑनलाइन मार्केटप्लेस पर 1% TCS लागू

ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म जैसे Flipkart, Amazon को अब हर विक्रेता के ट्रांजैक्शन पर 1% TCS काटना होगा। इससे छोटे विक्रेताओं की लागत में वृद्धि हो सकती है।

 

संयुक्त रूप से खरीदी गई प्रॉपर्टी पर PAN अनिवार्य

अगर कोई प्रॉपर्टी एक से अधिक लोगों के नाम पर खरीदी जाती है, तो अब सभी संयुक्त मालिकों का PAN नंबर देना अनिवार्य होगा। यदि ऐसा नहीं किया जाता है, तो 20% TDS कट सकता है।

 

TDS और TCS में बदलाव का आम टैक्सपेयर्स पर असर

  • यदि कोई परिवार विदेश में पढ़ाई या यात्रा के लिए ₹15 लाख खर्च करता है, तो अब उसे ₹33,000 TCS देना होगा, जबकि पहले यह ₹30,000 था।
  • अगर कोई क्रिप्टोकरेंसी में ₹2 लाख का निवेश करता है, तो अब उसे ₹2,000 TDS देना होगा, जिससे उसकी लिक्विडिटी प्रभावित हो सकती है।
  • फ्रीलांसर्स जो सालाना ₹6 लाख कमाते हैं, उन्हें अब ₹30,000 TDS देना होगा, जो पहले ₹25,000 था।
  • छोटे ऑनलाइन विक्रेता, जो ₹500 की बिक्री करते हैं, उन्हें भी अब 1% TCS देना होगा, जिससे उनके कैश फ्लो पर असर पड़ सकता है।
  • संयुक्त रूप से प्रॉपर्टी खरीदने वालों को समस्या हो सकती है, अगर सभी मालिकों के PAN लिंक नहीं हैं, तो डबल TDS कट सकता है।

 

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अन्य बड़े बदलाव

  • धारा 194LBC के तहत सिक्यूरिटाइजेशन ट्रस्ट से आय पर TDS 25-30% से घटाकर 10% कर दिया गया है।
  • धारा 206AB और 206CCA को खत्म कर दिया गया है, जो नॉन-फाइलर्स पर उच्च TDS/TCS लगाती थी।
  • LRS और विदेशी टूर पैकेज पर TCS की लिमिट ₹7 लाख से बढ़ाकर ₹10 लाख कर दी गई है।
  • शिक्षा ऋण (Education Loan) पर अब कोई TCS नहीं लगेगा, यदि यह ऋण योग्य संस्थानों से लिया गया हो और धारा 80E(3)(b) के तहत हो।

 

वरिष्ठ नागरिकों के लिए राहत

  • अब 1 लाख रुपये तक के ब्याज पर TDS नहीं लगेगा, जबकि पहले यह सीमा ₹50,000 थी।
  • अन्य व्यक्तियों के लिए TDS छूट सीमा ₹40,000 से बढ़ाकर ₹50,000 कर दी गई है।
  • वरिष्ठ नागरिकों को ₹15,000 तक की अतिरिक्त टैक्स छूट मिलेगी, जो उनके टैक्स ब्रैकेट पर निर्भर होगी।

 

किराए पर TDS छूट की सीमा बढ़ी

पहले 2.4 लाख रुपये तक के वार्षिक किराए पर TDS कटता था, जिसे अब बढ़ाकर ₹6 लाख कर दिया गया है। इसका मतलब अब 50,000 रुपये प्रति माह तक के किराए पर TDS नहीं काटा जाएगा।

 

स्टॉक्स और म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए राहत

अब डिविडेंड और म्यूचुअल फंड आय पर TDS छूट सीमा ₹5,000 से बढ़ाकर ₹10,000 कर दी गई है। इन बदलावों का उद्देश्य टैक्स कंप्लायंस को आसान और पारदर्शी बनाना है, जिससे आम टैक्सपेयर्स को परेशानी कम हो।

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